बीवी का पिछला प्यार

दोस्तो, कैसे हैं आप सब, उम्मीद करता हूँ कि आप सब अच्छे से होंगे.

आज मैं एक बिल्कुल सच्ची सेक्स कहानी पेश करने जा रहा हूँ.

दोस्तो, स्टोरी में आगे बढ़ने से पूर्व मैं थोड़ा अपने विषय में जानकारी दे दूँ ताकि आप लोगों को कल्पना करने में मजा आए.

मेरा नाम दीपांकर है. मैं 32 वर्ष का एक आकर्षक दिखने वाला आदमी हूँ.

मेरी लंबाई 175 सेंटीमीटर है तथा वजन 82 किलो है. मेरे लंड का साईज 6.25 इंच है.

मैं एक इंजीनियर हूँ और अपनी बीवी के साथ अपनी नौकरी वाले शहर में ही रहता हूँ.

मतलब मैं अपने घर से दूर रहता हूँ.

मुझमें एक खूबी है कि मेरा सेक्स स्टेमिना काफी अच्छा है अर्थात मैं 45 से 60 मिनट तक चुदाई कर सकता हूँ.

इससे मेरी बीवी मुझसे काफी खुश रहती है.

अब आते हैं मेरी अति सुंदर बीवी संजना के बारे में.

मैं उसे प्यार से संजू कह कर बुलाता हूँ.

हमारी शादी को तीन वर्ष हो चुके हैं. संजना की उम्र 25 वर्ष है तथा वजन 57 किलो है. उसकी लंबाई 165 सेंटीमीटर है. संजना देखने में काफी गोरी है.

जिस समय हमारी शादी हुई थी, उस समय उसका वजन 42 किलो था तथा चूचियां काफी छोटी मतलब 32 साईज की थीं, कमर 26 की तथा गांड भी 32 की थी.

परंतु मेरी जबरदस्त चुदाई की वजह से उसका साईज अभी 34सी-28-36 का हो चुका है.

संजना देखने में काफी सुंदर है. कल्पना करें तो वह बिल्कुल भोजपुरी हीरोईन आम्रपाली दुबे जैसी लगती है.

सबसे आकर्षक उसकी गांड है जो 36 इंच की है.

जब वो चलती है तो हाय क्या कयामत लगती है.

उसकी गांड किसी गहरे पलड़े वाले तराजू की तरह ऊपर नीचे हिलती है.

उसे देख कर मेरा हाल बेहाल हो जाता है.

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मेरी बीवी शादी के समय सेक्स के मामले में बिल्कुल अनाड़ी थी.

उसने शादी से पहले कभी भी सेक्स नहीं किया था क्योंकि उसकी चूत की सील मैंने ही सुहागरात के दिन तोड़ी थी.

शादी के दिन तक संजू एकदम शर्मीली एवं सीधी साधी लड़की थी, जिसे मैंने चुदाई के दौरान काफी गंदी गंदी बातें कर करके तथा अनेक किस्म के आसनों में चोद चोद कर उसे एकदम बिंदास कर दिया था.

संजू को सबसे ज्यादा मजा अपनी चूत चुसवाने में आता है.

उसे चुदने में डॉगी पोजीशन तथा काऊ गर्ल पोजीशन में मजा आता है.

जैसा कि मैंने बताया वो मुझसे पूरी तरह से संतुष्ट थी और दूसरे मर्दों के बारे में सोचती भी नहीं थी.

यह कहानी बिल्कुल सच्ची एवं कुछ महीने पूर्व की ही है.

हम लोग अपनी शादीशुदा जिंदगी से पूरी तरह से खुश थे और हम एक दूसरे को बहुत प्यार और एक दूसरे पर भरोसा करते हैं.

एक दिन हम लोग अपनी छत पर रोमांटिक बातें कर रहे थे.

एकाएक मैंने उससे पूछा- अच्छा संजू सच सच बताना, तुम शादी से पहले कभी किसी को लाईक करती थीं?

मेरे सवाल पर वो एकाएक चौंकी और बोली- ये आप कैसा सवाल पूछ रहे हैं?

मैंने उसके बालों में हाथ फेर कर प्यार से बोला- तुम्हारे पूर्व के रिश्ते से मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है, मैं सिर्फ जानना चाहता हूँ.

वो मेरे प्यार और विश्वास देखकर बड़ी मासूमियत से बोली- हां एक था, जिसे मैं पसंद करती थी और वो भी मुझे पसंद करते थे.

ये बोलकर वो थोड़ा शर्मा गई.

मैंने उससे प्यार से पूछा- कौन था?

वो बोली- छोड़िये ना, वो शादी के पहले की बात थी … अभी क्यों जानना है?

मैंने कहा- प्लीज बताओ ना … हम तुम दोस्त हैं ना!

वो थोड़ा सकुचाती हुई बोली- वो मेरे चाचा का साला है, जिसका नाम दिनेश है.

ये बोल कर वो चुप हो गई.

मैंने कहा- अरे वही दिनेश ना … जिसे तुम मामा बोलती हो?

उसने हां में सर हिला दिया.

यहां मैं थोड़ा दिनेश के बारे में बता देता हूँ.

दिनेश मेरी बीवी के चाचा का साला है, उसकी उम्र लगभग मेरे ही जितनी है. उसकी कद-काठी भी मेरे जितनी ही है तथा गोरा चिट्टा 80 किलो वजन का युवक है.

उसकी भी शादी हो चुकी है तथा उसे एक साल का बेटा भी है.

मैंने संजू से पूछा- अरे ये तो बताओ कि उससे प्यार कैसे हुआ?

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वो बोली- वो मेरे यहां हमेशा आते थे. इसी बीच नैन मटक्का होते होते हम एक दूसरे को लाईक करने लगे. उस समय मैं 19 साल की थी और वो 26 साल के थे.

मैंने बोला- क्या तुम दोनों ने सेक्स भी किया था?

इस सवाल पर वो काफी गम्भीर हो गई और लगभग गिड़गिड़ाती हुई बोलने लगी- देखिए मैंने आपको दोस्त समझकर ये सब बता दिया है … लेकिन मैं सच कहती हूँ मैंने उसके साथ कभी भी कुछ भी नहीं किया था.

इधर मेरे मन में तो सब जानने का कीड़ा कुलबुलाने लगा था तो मैंने उसे अपनी कसम देते हुए सब कुछ सच सच बताने का बोला.

वो सोच में पड़ गई और बोली- देखिए मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ एवं आपके सिवाय और किसी के बारे में सोचती भी नहीं हूँ.

मैंने उससे कहा- मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, इससे हमारे बीच कोई दूरी नहीं होगी. मैं सिर्फ सब जानना चाहता हूँ.

वो बोली- आपने अपनी कसम दे दी है और आप मेरे लिए जिंदगी में सबसे बढ़ कर हैं. मैं अपने मम्मी-पापा की कसम खाकर बोलती हूँ कि मैंने उनके साथ सेक्स नहीं किया है.

मैं आपको एक बात बता दूँ कि संजू अपनी मम्मी बाप की कभी भी झूठी कसम नहीं खाती है.

फिर वो चुदी होती तो उसकी चूत की सील वापस कैसे जुड़ सकती थी.

मुझे अच्छी तरह से मालूम था कि सुहागरात में मैंने ही उसकी चूत फाड़ कर चोदी थी और उसकी चूत में से खून भी निकला था.

वो फिर आगे थोड़ा शर्मा कर बोली- दिनेश मामा ने एक बार मेरे साथ सेक्स करने का प्रयास किया था और मैं भी तैयार थी. उस समय मेरी उम्र 20 वर्ष थी अर्थात शादी के दो वर्ष पहले. उस दिन वो मेरे घर आए थे और घर के सभी लोग बाहर गए थे. उन्होंने मुझे अपनी बांहों में भर लिया था और मेरे गाल पर किस किया था. मुझे बहुत अच्छा लगा था इसलिए मैंने उन्हें मना नहीं किया. फिर उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रखकर मुझे किस करने लगे. मेरे तो पूरे तन बदन में आग लग गई थी. मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैं भी उन्हें बेतहाशा चूम रही थी. अभी हम लोगों को पांच मिनट ही हुए होंगे कि घर पर मम्मी और पापा आ गए. उसके बाद हम दोनों अलग हो गए. इसके बाद हमें कभी भी मौका नहीं मिला और हमने सेक्स तो दूर की बात, किस भी नहीं किया.

मैंने उससे पूछा- क्या तुम उससे अब भी प्यार करती हो?

वो बोली- शादी के पहले करती थी परंतु मैं कसम खाकर बोलती हूँ कि मैं अभी सिर्फ आपसे प्यार करती हूँ. हां वो मुझे पागलों की तरह प्यार करते थे और मुझसे शादी भी करना चाहते थे पर हमारे बीच मामा भांजी का रिश्ता होने के कारण बात आगे नहीं बढ़ पाई.

यह सब बातें सुन कर मेरा दिमाग अस्थिर हो गया और मुझे खराब लगने के बजाए मेरे लंड में तनाव आ गया.

मेरे दिमाग में एक बहुत ही खुराफाती आईडिया ने जन्म ले लिया जो कोई भी आम पति नहीं सोच सकता है.

मैं संजू को उसके पहले प्यार से सेक्स करवाने को सोचने लगा.

मैं उस दिन उसी बातों में खोया रहा.

पहली बार चूत में गाजर डाली

रात को 11 बजे हमारा सेक्स चालू हुआ पर मन में वही सब बातें घूम रही थीं.

संजू उस समय एक शॉर्ट नाईटी पहनी हुई थी जो उसके घुटनों तक ही थी.

वो बाथरूम में फ्रेश होने गई थी.

जैसे ही वो बाहर निकली, मैंने उसे दबोच लिया और उसके होंठ से अपने होंठ सटा कर चूसने लगा.

वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

मैं उसके होंठों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और अपने दोनों हाथों को उसकी गांड पर रखकर मसलने लगा.

वो आंखें बंद करके मेरा साथ दे रही थी.

मैं उसकी नाईटी के ऊपर से ही उसके मम्मों को मसलने लगा और कुछ ही पलों बाद मैंने उसकी नाईटी को उसके शरीर से अलग कर दिया.

अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी.

मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और कहा- चलो, आज हम लोग एक नई तरह से सेक्स करते हैं.

वो बोली- कैसे?

मैंने कहा- रोल प्ले!

वो समझी नहीं, तो मैंने बोला कि तुम आज मुझे कोई और मर्द समझ कर इमेजिन करना … बहुत मजा आएगा.

वो गुस्सा हो गई और बोली- मैं ऐसा कुछ भी नहीं करूंगी. मैं बस आपको चाहती हूँ और आपको ही इमेजिन करूंगी.

मैंने बोला- अरे बाबा, मैं जानता हूँ, मैं तो बस इमेजिन करने बोल रहा हूँ.

पर वो नहीं मान रही थी.

बात ना बनते देख मैंने उसे अपनी कसम दे दी, उससे वो और गुस्सा हो गई.

बड़ी मुश्किल से वो मानी और बोली- ठीक है, पर मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं.

मैं संजू को बेड पर फिर से किस करने लगा और वो फिर से गर्म हो गई.

मैंने उसकी ब्रा और पैंटी को शरीर से अलग कर दिया.

उसका दूधिया जिस्म पूरा चमक रहा था.

इतनी सुंदर बीवी पाकर मैं धन्य हो गया था.

मैं उसे किस करते करते उसकी चूत के पास आ गया और जैसे ही उसकी चूत में किस किया, वो ‘आह …’ कर उठी.

संजू को बुर चुसाई में बहुत मजा आता है.

मैंने अब उसकी बुर की फांकों को अलग किया और जीभ को बुर में पेल कर उसे चोदने लगा.

वो सर को इधर उधर करने लगी और आहें भरने लगी.

उसकी बुर से पूरा पानी निकल रहा था.

एकाएक मैंने उससे कहा- इमेजिन करो ना किसी को!

वो मजे में बोली- छोड़िये ना ये सब … आप बस मेरी चूत चूसिए ना!

मैंने बुर को चूसना छोड़ दिया और उससे कहा- पहले इमेजिन करो तब चूसूंगा.

वो तड़पने लगी और बोली- ठीक है पर किसको इमेजिन करूं?

मैंने कहा- अपने पहले आशिक दिनेश को.

एकाएक उसने आंख को खोल दिया और मुझे हैरानी से देखने लगी.

मैंने कहा- तुमको मुझ पर भरोसा है ना, मैं तुम्हें इसके लिए कभी गिल्टी फील नहीं होने दूँगा.

संजू ने फिर से आंखें मूंद लीं और मैं उसकी चिपचिपी बुर को फिर से चूसने लगा, साथ ही अपने दोनों हाथों से उसके मम्मों को मसलने लगा.

वो कामुक सीत्कार भरने लगी.

मैंने रोल प्ले में कहा- और मेरी प्रेमिका, कैसा लग रहा है, अपने प्रेमी दिनेश से बुर चुसवा कर?

वो इस बात पर और जोर से आहें भरने लगी.

अर्थात वो भी अब इमेजिन करने लगी थी.

वो बोली- आह … और जोर से चूसिए ना!

मैं उसकी बुर को अपने मुँह में लेकर लगभग खाने लगा.

स्कूल में पहले गांड मरवाई फिर चुत

वो ‘आह … इस्सस …’ करने लगी.

कुछ देर बाद वो बोली- अब अन्दर डाल दीजिए ना!

मैंने बोला- किसे?

वो पूरी गर्म हो चुकी थी, वासना से बोली- अपने लंड को मेरी बुर में पेल दो मेरे आशिक!

मैंने उसे मिशनरी पोज में किया और अपना लंड को एक ही झटके में चूत के अन्दर पेल दिया.

वो चिहुंक उठी, पर कुछ नहीं बोली.

मैं अब उसे चोदने लगा और बोला- कैसा लग रहा है जान?

वो बोली- बहुत मजा आ रहा है.

मैंने बोला- हां अपने पहले आशिक दिनेश से चुदवाने में मजा तो आएगा ही.

वो बोली- हां जान, तुम कबसे तड़प रहे थे मुझे चोदने को … आज फाड़ दो मेरी बुर को मेरी जान दिनेश.

मैं संजू के मुँह से दिनेश का नाम सुनते ही उसे बेतहाशा चोदने लगा.

पूरे कमरे में ‘भच … भच … खच … खच …’ की आवाज गूंजने लगी.

लगभग 20 मिनट चुदाई के बाद मैंने उसे अपने ऊपर किया, तो वो मेरे लंड को देखकर उसमें अपनी बुर को सैट करके घप्प से बैठ गई.

वो अपनी कमर को कुछ ज्यादा जोर से उचकाने और जोर जोर से बोलने लगी- आह … मेरे राजा … चोद दो … बहुत मजा आ रहा है!

शायद वो अपने फर्स्ट लव दिनेश के लंड को अपनी चूत में इमेजिन कर रही थी.

लगभग 10-15 मिनट की चुदाई के बाद उसका शरीर जोरों से अकड़ा और वो बेतहाशा झड़ने लगी.

और ये क्या … उसकी बुर से तो पेशाब भी निकलने लगी.

उसने हांफते हुए मेरे सीने पर गिर कर मुझे कस कर पकड़ लिया.

ऐसा जोरदार स्खलन संजू के साथ बहुत कम बार ही हुआ था.

लगभग 15 मिनट के बाद वो उठी, तो मैंने उससे पूछा- कैसा लगा?

वो शर्मा कर बोली- बहुत मजा आया.

वो मेरे सीने से लिपट कर सो गई.

अब हम लोग बीच बीच में ऐसा अक्सर करने लगे.

अन्तर्वासना

दोस्तो, फर्स्ट लव हॉट स्टोरी के अगले हिस्से में मैं आपको आगे बताऊंगा कि मेरी बीवी के पहले आशिक दिनेश से उसकी चुदाई कैसे हुई.